IGNOU SOLVED HINDI ASSIGNMENTS M.A HISTORY SECOND YEAR MHI 03,06,08,09,10, MPSE003, 004

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एम.ए./एम.एस-03 : इतिहास-लेखन अध्यापक जांच सत्रीय कार्य पाठ्यक्रम कोड : एम.ए./एम.एस-03 सत्रीय कार्य कोड : एम.ए./एम.एस-03/ए.एस.टी./टीएमपी./2024-25 पूर्णांक : 100 नोट : किसी पाँच प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए। प्रत्येक भाग से कम से कम दो प्रश्न अनिवार्य हैं। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं। भाग-क 1. वस्तुनिष्ठता क्या है? इतिहास-लेखन में व्याख्या की क्या भूमिका है? 2. ‘स्मृत इतिहास’ से आप क्या समझते हैं? इतिहास-लेखन की इस प्रकार में समकालीन इतिहासकारों और उनके लेखन का वर्णन कीजिए। 3. इतिहास-लेखन की मुनिनि-रोमन परम्परा की विशेषताओं की चर्चा कीजिए। 4. इतिहास-लेखन के अन्य स्कूल या संप्रदाय कौन से थे? उनके लेखन का वर्णन कीजिए। 5. सत्तनत काल के दौरान इन्डो-फारसी इतिहास-लेखन की महत्वपूर्ण विशेषताओं का वर्णन कीजिए। भाग-ख 6. द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पश्चिम में मार्क्सवादी इतिहास-लेखन पर एक टिप्पणी लिखिए। 7. भारत में उपनिवेशवादी इतिहास-लेखन की तुलना राष्ट्रवादी इतिहास-लेखन से कीजिए। 8. जनजातीय इतिहास से आप क्या समझते हैं? भारतीय इतिहास-लेखन के संदर्भ में इसकी विवेचना कीजिए। 9. भारत में महिलावादी इतिहास-लेखन पर एक टिप्पणी लिखिए। 10. निम्नलिखित में से किसी दो पर लगभग 250 शब्दों (प्रत्येक) में संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए : 10+10 क) सामान्य इतिहास ख) भारतीय पुनर्जागरण पर विभिन्न दृष्टिकोण ग) प्राचीन भारतीय इतिहास-लेखन घ) उत्तर आधुनिकतावाद और इतिहास-लेखन

एम.ए.एच-06 भारत में विभिन्न युगों के दौरान सामाजिक संरचना का विकास
अध्यापक जांच सत्रीय कार्य

पाठ्यक्रम कोड : एम.ए.एच-06
सत्रीय कार्य कोड : एम.ए.एच-06/एएसजीटी/टीडीईपी/2024-25
अधिकतम अंक : 100

नोट : यह सत्रीय कार्य दो भागों में बांटा गया है। आपको हर भाग से कम से कम दो प्रश्नों के उत्तर (प्रत्येक लगभग 500 शब्दों में) अवश्य देने हैं। कुल मिलाकर आपको पांच प्रश्नों के उत्तर देने हैं। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।

भाग-क

  1. प्राचीन भारत के इतिहास को लिखने हेतु प्रमुख ऐतिहासिक उपकरण क्या थे? चर्चा कीजिए। 20
  2. गुप्तकालीन भारत में समाज की प्रकृति पर टिप्पणी कीजिए। 20
  3. बौद्ध धर्म के उदय का समाज की संरचना के विकास पर क्या प्रभाव पड़ा? ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना कीजिए। 20
  4. मध्यकालीन भारत में सामाजिक संरचना को नियन्त्रित करने वाले प्रमुख कारक कौन से थे? 20
  5. वर्ण व्यवस्था के प्रमुख सिद्धान्तकार मनु का क्या योगदान था? 20

भाग-ख

  1. प्राचीन भारत में ग्रामीण समाज की प्रकृति पर टिप्पणी कीजिए। 20
  2. डॉ. एन. जिग्लर (N. Ziegler) के कार्य के सन्दर्भ में तमिलनाडु में जातीयता के उद्भव के कारकों का विश्लेषण कीजिए। 20
  3. अधिनायकवाद के उदय का समाज की संरचना पर क्या प्रभाव पड़ा? 20
  4. भारतीय समाज में स्त्रियों की स्थिति पर टिप्पणी कीजिए। 20
  5. भारतीय समाज में दलितों की स्थिति पर टिप्पणी कीजिए। 20

“एम.ए.एच.आई.-08: भारत में पारिस्थितिकी और पर्यावरण का इतिहास
अध्यायनक जांच सत्रीय कार्य

पाठ्यक्रम कोड : एम.ए.एच.आई.-08/एप.यू./2024-25
परीक्षण : 100

नोट : यह सत्रीय कार्य दो भागों में बांटा है। आपको हर भाग से कम से कम दो प्रश्नों के उत्तर (प्रत्येक लगभग 500 शब्दों में) अवश्य देने हैं। इस प्रकार आपको पांच प्रश्नों के उत्तर देने हैं। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।

भाग-क

  1. क्या आप इस बात से सहमत हैं कि सूखा की घटनाएं कृषि मानव बस्तियों के पैटर्न को प्रभावित करती हैं? भारतीय उपमहाद्वीप के संदर्भ में विस्तार से बताएं।
    20
  2. कृषि-स्थल मानव और मानव-प्राकृतिक संबंधों के अध्ययन का एक प्रमुख स्थल है। स्पष्ट करें।
    20
  3. भारतीय पारंपरिक संस्थानों पर पर्यावरणीय इतिहास की भूमिका पर एक टिप्पणी लिखिए।
    20
  4. भारतीय कृषि प्रणाली की भूमि विस्तार के पैटर्न का वर्णन कीजिए।
    20
  5. मानव-प्राकृतिक संबंधों के अध्ययन के लिए भारतीय कृषि प्रणाली के महत्व को रेखांकित कीजिए।
    20

भाग-ख

  1. पर्यावरण इतिहास के महत्व पर एक नोट लिखिए।
    20
  2. भारतीय समाज और उसके पर्यावरण के औपनिवेशिक सत्ता की पर्यावरण के प्रति धारणा को कैसे प्रभावित किया?
    20
  3. पूर्व-औपनिवेशिक भारत में औपनिवेशिक जल प्रबंधन प्रणाली का सूखा अध्ययन।
    20
  4. औपनिवेशिक भारत में वन्य जीवन और वन्य संसाधनों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
    20
  5. भारतीय पर्यावरणीय विकास मॉडल का सूखा विश्लेषण प्रस्तुत कीजिए।
    20″

बिलकुल, यहाँ है वही टेक्स्ट:

एम.ए.च.आइ.-09: भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन आध्यापक जांच सत्रीय कार्य

पाठ्यक्रम कोड : एम.ए.च.आइ.-09 सत्रीय कार्य कोड : एम.ए.च.आइ./ए.सी./टी.एम./2024-25 अंक : 100

नोट : किसी पांच प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए। प्रत्येक भाग से कम से कम दो प्रश्न अनिवार्य हैं। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।


भाग-क

  1. भारतीय राष्ट्रवाद पर मार्क्सवादी और सबाल्टर्न इतिहासकारों के विचारों को तुलनात्मक कीजिए। 20 अंक
  2. भारतीय विचारकों के विशेष संदर्भ में आधिक राष्ट्रवाद पर एक टिप्पणी लिखिए। 20 अंक
  3. 1920 और 1930 के दशकों के दौरान क्रांतिकारी राष्ट्रवादियों की विचारधारा और गतिविधियों का वर्णन कीजिए। 20 अंक
  4. असहयोग आन्दोलन पर एक टिप्पणी लिखिए। 20 अंक
  5. निम्नलिखित में से किसी एक पर लगभग 250 शब्दों (प्रत्येक) में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:
    क) राष्ट्रवाद पर आधुनिकतावादी विचार
    ख) स्वदेशी आन्दोलन
    ग) सुभाष चन्द्र बोस का योगदान
    घ) देशी रियासतों में राजनीतिक गतिविधियाँ

भाग-ख

  1. 1945 और 1947 के बीच के घटनाक्रमों का भारतीय राजनीति पर प्रभाव कीजिए। 20 अंक
  2. भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के दौरान महिलाओं की भूमिका का वर्णन कीजिए। 20 अंक
  3. भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन और उसके विभिन्न चरणों का वर्णन कीजिए। 20 अंक
  4. भारतीय औद्योगिक श्रमिकों के हितों के संदर्भ में महात्मा गांधी की भूमिका का वर्णन कीजिए। 20 अंक
  5. निम्नलिखित में से किसी एक पर लगभग 250 शब्दों (प्रत्येक) में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:
    क) भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में लोकमान्य तिलक का योगदान
    ख) भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में गाँधीजी का योगदान
    ग) भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में जवाहरलाल नेहरू का योगदान
    घ) भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में सुभाष चन्द्र बोस का योगदान

एस.एम.आई.-10: भारत में नगरीकरण
अध्यापक द्वारा जांचा कार्य

पाठ्यक्रम कोड: एस.एम.आई.-10

सत्रीय कार्य: एस.एम.आई.-10/टईएम/पी.आई./2024-25
अंक: 100

नोट: किसी पाँच प्रश्नों के उत्तर लिखें। सत्रीय कार्यों के मानक में ए एवं ख में विभाजित है। आपको प्रत्येक भाग में से कम से कम दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में लिखने हैं। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।

भाग-क

  1. शहरी केन्द्रों के किन्हें कहा है? नगरवाद के ऐतिहासिक संदर्भ में परीक्षा कीजिए।
  2. मोहन्जोदड़ो शहर के मुख्य विशेषताओं की चर्चा कीजिए।
  3. दक्कन में औपनिवेशिक शहरी केन्द्रों की विशेषताओं का आत्मान्वेषण पूर्वक कीजिए।
  4. क्या आप मानते हैं कि मुगलकाल के दौरान शहरी विकास निरंतरता के सिद्धांत से सहमत हैं? चर्चा कीजिए।
  5. निम्नलिखित में से किसी दो पर लगभग 250 शब्दों (प्रत्येक) में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:
    क) शहरी स्वास्थ्य
    ख) मोहल्ला: सामाजिक स्वास्थ्य
    ग) औद्योगिक मजदूर वर्ग का सामाजिक परिवेश और शहरी विकास

भाग-ख

  1. दिल्ली सुल्तानों के शहरी रूप एवं उनकी शहरी नीतियों वाले शहर हैं। आत्मान्वेषण कीजिए।
  2. विचारधारा का शहरी विकास पर क्या प्रभाव है? भारतीय परिप्रेक्ष्य में चर्चा कीजिए।
  3. शहरी विकास का जनजातीय समाज पर क्या प्रभाव है? चर्चा कीजिए।
  4. औद्योगिक क्रांति के दौरान शहरी विकास की अवस्थाओं को कैसे बदला गया?
  5. निम्नलिखित में से किसी दो पर लगभग 250 शब्दों (प्रत्येक) में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:
    क) शहरी शरणार्थी
    ख) शहरी गरीब
    ग) नगर नियोजन और सामुदायिक सहभागिता

पश्चिमी राजनीतिक चिंतन (प्लेटो से मार्क्स तक) (एमपीएसई-003)

अध्यापक जांच गृह कार्य

पाठ्यक्रम कोड : एमपीएसई-003
सत्रीय कार्य कोड: एसएसएमपीएसई-003/2024-2025
अंक: 100

इनमें से किसी पांच प्रश्नों के उत्तर दीजिए, प्रत्येक भाग से कम से कम दो प्रश्नों का चयन आवश्यक है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न के 20 अंक हैं।

भाग – 1

  1. राजनीतिक चिंतन का राजनीतिक सिद्धांत और राजनीतिक दर्शन से कैसे भेद किया जाता है? व्याख्या कीजिए।
  2. चर्च और राज्य के मध्य संबंधों पर संत थॉमस एक्विनास के समय से की गई चर्चाओं की समीक्षा कीजिए।
  3. जे. एस. मिल के निम्नलिखित कथन का परीक्षण कीजिए : “यह बेहतर है कि एक मानव असंतुष्ट हो बनिस्बत एक सुअर संतुष्ट हो।”
  4. मार्क्सवादी राजनीतिक चिंतन में वर्ग और आंदोलन का क्या स्थान है? चर्चा कीजिए।
  5. हेगेल द्वारा इतिहास (इतिहासिकी) के सिद्धांत के विकास की समीक्षा कीजिए।

भाग – 2

निम्नलिखित पर लगभग 250 शब्दों में लघु टिप्पणी लिखिए।

  1. क) संयुक्त के अधिकारों और दायित्वों पर थॉमस हॉब्स के विचार
    ख) राजनीतिक समाज पर जॉन लॉक के विचार
  2. क) प्रतिवादिता शासन पर जे. एस. मिल के विचार
    ख) धर्म और राजनीति पर एलेक्सिस कर्के के विचार
  3. क) मानव प्रकृति का ह्यूमेन और कोलर के प्रायोगिक-आधारवादी दृष्टिकोण
    ख) मानव प्रकृति पर हॉब्स के विचार
  4. क) प्लेटो की द्वैतवादिता
    ख) प्लेटो का राज्य का सिद्धांत
  5. क) मार्क्स का ऐतिहासिक भौतिकवाद
    ख) नागरिक समाज और सामाजिक समरसता पर जॉन लॉक के विचार

आधुनिक भारत में सामाजिक एवं राजनीतिक विचार (एमपीएसई-004)
अध्यायन जांच सहायक कार्य

पाठ्यक्रम कोड : एमपीएसई-004
सत्रीय कार्य कोड: एसएसपी/एमपीएसई-004/2024-2025
फुलांक: 100

इसमें से किसी पांच प्रश्नों के उत्तर दीजिए, प्रत्येक भाग से कम से कम दो प्रश्नों का चयन आवश्यक है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 20 अंकों का है।

भाग – 1

  1. पूर्व-आधुनिक भारतीय राजनीतिक विचार में धर्म और राजनीति के अंतर्संबंध की चर्चा कीजिए।
  2. भारतीय राजनीतिक विचार में श्री अरविंद के योगदान की समीक्षा कीजिए।
  3. गांधीजी के सत्याग्रह के सिद्धांत और व्यवहार की समीक्षा कीजिए।
  4. भारतीय राष्ट्रवाद और इसके विभिन्न चरणों पर डॉ. एस. राधाकृष्णन के विचार की समीक्षा कीजिए।
  5. नेहरूवादी मॉडल और इसके मुख्य तत्वों की चर्चा कीजिए।

भाग – 2

निम्नलिखित पर लगभग 250 शब्दों में लघु टिप्पणी लिखिए।

  1. राष्ट्रवाद पर स्वामी विवेकानंद के विचार
    क) डॉ. राम मनोहर लोहिया के सामाजिक विचार
  2. उपनिवेश विरोधी संघर्ष में मुस्लिम लीग की भूमिका
    ख) गांधीजी के अहिंसा के सिद्धांत की समीक्षा
  3. हिंदू-मुस्लिम एकता पर सर सैयद अहमद खान
    ग) भारतीय राष्ट्रवाद पर डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
  4. भारतीय समाज में जाति और वर्ग का अंतर्संबंध
    घ) भारतीय समाज में धर्मनिरपेक्षता
  5. पं. नेहरू और श्रीमती इंदिरा गांधी के समाजवादी विचार
    ङ) भारतीय समाज में क्षेत्रीयता की समस्या
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